Amavasya

हिंदू धरà¥à¤® में अमावसà¥à¤¯à¤¾ विशेष धारà¥à¤®à¤¿à¤• महतà¥à¤µ रखती है। खास कर सोमवती अमावसà¥à¤¯à¤¾ के दिन सà¥à¤¹à¤¾à¤—िन महिलाओं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अपने पति की दीरà¥à¤˜à¤¾à¤¯à¥ कामना के लिठवà¥à¤°à¤¤ रखने का विधान है। इस दिन मौन वà¥à¤°à¤¤ रहने से सहसà¥à¤° गोदान का फल पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होता है, à¤à¤¸à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥‹à¤‚ में वरà¥à¤£à¤¿à¤¤ है। > विशेष कर सोमवार को à¤à¤—वान शिवजी का दिन माना जाता है। इसलिठसोमवती अमावसà¥à¤¯à¤¾ पर शिवजी की आराधना, पूजन-अरà¥à¤šà¤¨à¤¾ उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ को समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ होती है। इसीलिठसà¥à¤¹à¤¾à¤—िन महिलाà¤à¤‚ पति की दीरà¥à¤˜à¤¾à¤¯à¥ की कामना करते हà¥à¤ पीपल के वृकà¥à¤· में शिवजी का वास मानकर उसकी पूजा और परिकà¥à¤°à¤®à¤¾ करती हैं।
पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अमावसà¥à¤¯à¤¾ के दिन सà¥à¤¨à¤¾à¤¨-दान करने की परंपरा है। वैसे तो इस दिन गंगा-सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ का विशिषà¥à¤Ÿ महतà¥à¤µ माना गया है, परंतॠजो लोग गंगा सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करने नहीं जा पाते, वे किसी à¤à¥€ नदी या सरोवर तट आदि में सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ कर सकते हैं तथा शिव-पारà¥à¤µà¤¤à¥€ और तà¥à¤²à¤¸à¥€à¤œà¥€ का पूजन कर अमावसà¥à¤¯à¤¾ का लाठउठा सकते हैं।
मंगलवार को आनेवाली अमावसà¥à¤¯à¤¾ को à¤à¥Œà¤®à¤µà¤¤à¥€ अमावसà¥à¤¯à¤¾ के नाम से जाना जाता है, इस दिन à¤à¥€ निमà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° पूजन करना फलदायी रहता है। इस दिन मौन वà¥à¤°à¤¤ को धारण करने से पà¥à¤£à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होती है।
कैसे करें पूजन :-
* à¤à¤¸à¤¾ माना गया है कि पीपल के मूल में à¤à¤—वान विषà¥à¤£à¥, तने में शिवजी तथा अगà¥à¤°à¤à¤¾à¤— में बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¾à¤œà¥€ का निवास होता है। अत: इस दिन पीपल के पूजन से सौà¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ की वृदà¥à¤§à¤¿ होती है।
* अमावसà¥à¤¯à¤¾ के दिन की यह à¤à¥€ मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ है कि इस दिन पितरों को जल देने से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तृपà¥à¤¤à¤¿ मिलती है।
* अमावसà¥à¤¯à¤¾ के दिन पीपल की परिकà¥à¤°à¤®à¤¾ करने का विधान है। उसके बाद गरीबों को à¤à¥‹à¤œà¤¨ कराया जाता हैं।
* महाà¤à¤¾à¤°à¤¤ काल से ही अमावसà¥à¤¯à¤¾, विशेषकर सोमवती अमावसà¥à¤¯à¤¾ पर तीरà¥à¤¥à¤¸à¥à¤¥à¤²à¥‹à¤‚ पर पिंडदान करने का विशेष महतà¥à¤µ है।
* अमावसà¥à¤¯à¤¾ के दिन 108 बार तà¥à¤²à¤¸à¥€ परिकà¥à¤°à¤®à¤¾ करें।
* अमावसà¥à¤¯à¤¾ के दिन सूरà¥à¤¯ नारायण को जल देने से दरिदà¥à¤°à¤¤à¤¾ दूर होती है।
* जिन लोगों की पतà¥à¤°à¤¿à¤•ा में चंदà¥à¤°à¤®à¤¾ कमजोर है, वह जातक गाय को दही और चावल खिलाà¤à¤‚ तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मानसिक शांति पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होगी।
* परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ को समà¥à¤®à¤¾à¤¨ देने के लिठà¤à¥€ सोमवती अमावसà¥à¤¯à¤¾ के दिन पीपल के वृकà¥à¤· की पूजा करने का विधान माना गया है।